पाक एयरबेस की मरम्मत का काम शुरू - सैटेलाइट तस्वीरों में दिखी तबाही...



पाक एयरबेस की मरम्मत का काम शुरू - सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ खुलासा...

इंडियन एयरफोर्स ने मई में 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान के रावलापिंडी में स्थित नूर खान एयरबेस पर एक बड़ा हमला किया था. इस हमले में एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचा था. यह हमला इतना सटीक था कि पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली भी इसे रोक नहीं पाई थी. अब सैटेलाइट से ली गई नई तस्वीरों से यह खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान ने इस एयरबेस की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है. यह एयरबेस इस्लामाबाद से 25 किलोमीटर से भी कम दूरी पर है और पाकिस्तान वायुसेना के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण केंद्र है.

ऑपरेशन सिंदूर' के तहत हुआ था हमला...

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने पहले इस हमले की पुष्टि की थी और याद किया था कि कैसे मुनीर ने उन्हें पर्सनली इस घटना की जानकारी दी थी. उन्होंने कहा था, 'मुझे दोपहर ढाई बजे सेना प्रमुख जनरल सैयद असीम मुनीर का एक फोन आया, जिन्होंने मुझे बताया कि भारत ने अभी-अभी बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं और उनमें से एक नूर खान हवाई अड्डे पर गिरी.

नई तस्वीरों में रिकंस्ट्रक्शन साइट के पास बॉम्बार्डियर ग्लोबल 6000 जैसा दिखने वाला एक वीवीआईपी जेट और एक सैन्य परिवहन विमान भी दिखाई दे रहा है. मुनीर ने हाल ही में विदेश यात्राओं के लिए पीएएफ ग्लोबल 6000 का इस्तेमाल किया है क्योंकि उनका गल्फस्ट्रीम विमान ब्रिटेन के फार्नबोरो सेंटर में तीन महीने तक रखरखाव के लिए गया था. वह विमान अब वापस आ गया है और माना जा रहा है कि एक अन्य गल्फस्ट्रीम, जे755, भी नूर खान में है.

इस एयरबेस पर साब एरीआईई जैसे महत्वपूर्ण शुरुआती चेतावनी प्रणाली विमान, C-130 जैसे परिवहन विमान और IL-78 जैसे हवा में ईंधन भरने वाले विमान तैनात थे. ये सभी पाकिस्तान की निगरानी, रसद और परिचालन के लिए बहुत जरूरी थे. भारतीय हमले में पाकिस्तान की ये क्षमताएं नष्ट हो गई थीं, जिससे उसकी जवाबी हमला करने की क्षमता भी कम हो गई थी.

सैटेलाइट तस्वीरों में दिखी तबाही...

हमले के बाद की सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला कि भारतीय हमले में दोनों ट्रक और आसपास की इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं. 17 मई तक पाकिस्तान ने इस जगह से मलबा हटा दिया था और एक रिपोर्ट के मुताबिक, 3 सितंबर तक यहां मरम्मत का काम शुरू हो गया था. सैटेलाइट डेटा का विश्लेषण करने वाले डेमियन साइमन ने बताया कि नई दीवारें बनाई जा रही हैं, जो मूल संरचना के अनुरूप हैं. जिससे स्पष्ट है कि पाकिस्तान अपने जख्म पर मरहम पट्टी लगानी शुरू कर दि है.

इंटेल लैब के जियो इंटेलिजेंस रिसर्चर डेमियन साइमन के अनुसार, हमले से पहले की सैटेलाइट तस्वीरों में साइट पर 'विशेष सैन्य ट्रक' दिखाई दे रहे थे, जिन्हें हमलों के दौरान नष्ट कर दिया गया. विश्लेषकों का मानना है कि ये ट्रक कमांड और कंट्रोल (C2) सेंटर्स के रूप में काम कर रहे थे, जो हवाई और जमीनी संसाधनों को कम्यूनिकेशन सिस्टम से जोड़ते थे.

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