ईरान ने अपने न्यूक्लियर वैज्ञानिकों को लटकाया - मोसाद के जासूसों को ईरान में फांसी....Iran ne Apane Nuclier vaidyanik ko Latkaya - Mosad ke Jasuso ko Iran me Fansi...

 


ईरान ने बुधवार को अपने न्यूक्लियर वैज्ञानिक को फांसी दी है. कारन इजरायल के लिए जासूसी करना है. साथ और एक शख्स को फांसी दी गई है, जिस पर आरोप था कि उसने एक सायंटिस्ट की हत्या करने में मदद की थी. न्यायपालिका की आधिकारिक समाचार एजेंसी मिजानके अनुसार, वैज्ञानिक रूजबेह वादी को तेहरान की एक जेल में फांसी दी गई.

तेहरान: ईरान में दो लोगों को फांसी दी गई है. इनमें से एक पर इजरायल के लिए जासूसी करने और दूसरे पर इस्लामिक स्टेट समूह से संबंध रखने का मामला साबित हुआ था. इसके लिए दोनों को मौत की सजा सुनाई गई थी. ईरान के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद बुधवार को देश की मीडिया ने दोनों को फांसी दिए जाने की सूचना दी है. इजरायल के लिए जासूसी के दोष में रूजबेह और आईएस से जुड़े व्यक्ति की पहचान मेहदी असगरजादेह के तौर पर हुई है.

रूजवेह ईरान का उभरता हुआ परमाणु वैज्ञानिक था. वादी पर आरोप लगा कि उसने अपने एक सहयोगी की जानकारी इजराइल के मोसाद को दी, जिसके कारण हाल ही में जंग के दौरान मोसाद ने उस परमाणु वैज्ञानिक की हत्या कर दी. वादी पर 5 बार मोसाद के जासूसों से मिलने का आरोप था. ईरान सरकार के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वादी को फांसी की सजा दी गई है. वादी पर जून 2025 में इजराइल के साथ जंग के दौरान मोसाद के लिए जासूसी का आरोप था. स्थानीय मीडिया के मुताबिक रूजवेह को फरवरी 2024 में गिरफ्तार किया गया था. शुरुआत में उन पर आरोप था कि उन्होंने ईरान के परमाणु केंद्रों की जानकारी इजराइल से साझा की है. रूजवेह पर आरोप था कि जासूसी के लिए उन्होंने कम से कम 5 मौकों पर मोसाद के एजेंटों से मुलाकात की थी.

ईरान ह्यूमन राइट्स के अनुसार पकड़े जाने से पहले वादी तेहरान के परमाणु ऊर्जा संगठन में एक परमाणु विशेषज्ञ के रूप में काम करते थे. गिरफ्तारी के बाद उन्हें सबसे कुख्यात एविन जेल में रखा गया था. ईरान की सर्वोच्च न्यायपालिका की बेवसाइट मिजान का कहना है कि वादी की भर्ती मोसाद ने ऑनलाइन तरीके से किया था. वादी मोसाद के ट्रैप में फंसकर सभी गोपनीय जानकारी मोसाद को दे दी. इजराइल का कहना है कि उसके जासूस पिछले कई सालों से ईरान में रह रहे थे. रूजवेह वादी को ईरान का उभरता हुआ परमाणु वैज्ञानिक कहा जाता था. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई जांजन विश्वविद्यालय से की थी. रिसर्च गेट के मुताबिक 2010 में वे अमीर कबीर विश्विद्यालय चले गए, जहां से परमाणु से संबंधित विषयों की उन्होंने पढ़ाई की. वादी ने इसके बाद परमाणु कार्यक्रम को लेकर शोध करना शुरू किया. वादी ईरान खोदरो समूह, तेहरान पॉलेटेक्निक, राष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा केंद्र में बतौर शोधकर्ता काम कर चुके हैं.


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