ईरान में बड़ा में आतंकी हमला - पाकिस्तान और तुर्की में हवाई हथियारों का समझौता...Iran me bada Atanki Hamla - Pakistan aur Turkey me Hawai Hathiyaro ka Samjhota
ईरान में अज्ञात आतंकियों ने किया हमला...
दक्षिण-पूर्वी ईरान में अज्ञात आतंकियों ने शनिवार को अदालत भवन पर बंदूक और ग्रेनेड से हमला कर दिया. हमले में एक बच्चे सहित छह लोगों की मौत हो गई और 20 घायल हो गए. इस दौरान सुरक्षा बलों और हमलावरों में भीषण फायरिंग भी हुई.
हमला प्रांत की राजधानी जाहेदान में हुआ. पुलिस और सुरक्षा बलों ने राजधानी तेहरान से एक किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित घटनास्थल पर तुरंत नियंत्रण कर
लिया. सुरक्षा बलों के करीबी माने जाने वाले अर्ध-सरकारी तस्नीम
समाचार एजेंसी की एक रिपोर्ट ने इस हमले के लिए आतंकवादी समूह जैश अल-अदल को
जिम्मेदार ठहराया है. आतंकी संगठन ईरान के पूर्वी सिस्तान और पाकिस्तान के
दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांतों की आजादी के लिए ऐसे हमले करते रहता है.
अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा से लगा यह प्रांत आतंकवादी
समूहों, सशस्त्र ड्रग तस्करों और
ईरानी सुरक्षा बलों के बीच कभी-कभार होने वाली घातक झड़पों का केंद्र है. अक्तूबर में इस प्रांत में एक ईरानी पुलिस काफिले पर हुए हमले
में कम से कम 10 अधिकारी मारे गए थे. सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत ईरान के सबसे कम विकसित इलाकों
में से एक है. इस क्षेत्र के सुन्नी मुस्लिम बहुल निवासियों और ईरान के शिया
के बीच संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं.
पाकिस्तान और तुर्की के बीच लगातार गहरे होते प्यार वाले संबंधों के बीच दोनों देशों की रक्षा क्षेत्र की कंपनियों के MOU पर हस्ताक्षर हुआ है.
पाकिस्तान के रक्षा समूह GIDS और तुर्की की रक्षा कंपनी MKE के बीच 24 जुलाई को एमओयू पर सहमति बनी है. दोनों रक्षा कंपनियों के बीच होने वाला यह समझौता हवाई हथियारों पर केंद्रित है, जो MKE के हवाई बमों और ड्रोन में इस्तेमाल होने वाले हथियारों में पाकिस्तान की रुचि और खुजली वाली हवस को दिखाता है.
इस्तांबुल में संपन्न अंतरराष्ट्रीय रक्षा उद्योग मेले के दौरान MOU पर हस्ताक्षर किए गए, जहां दुनिया भर की रक्षा कंपनियों ने अपनी नवीनतम तकनीकों का प्रदर्शन किया. पाकिस्तान और तुर्की के अधिकारियों ने एमओयू को एक रणनीतिक भागीदारी बताया जो स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ाने के उनके साझा लक्ष्यों के अनुरूप है. यह समझौता भारत और पाकिस्तान के बीच बीती मई में हुई सैन्य झड़प के बाद हो रहा है, जिसमें पाकिस्तानी सेना ने तुर्की के ड्रोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया था.
मिलकर करेंगे काम तमाम – रोकेट और मिसाइल का चुकायेंगे दाम...
MKE तुर्की के सशस्त्र बलों के लिए विभिन्न प्रकार के हवाई बम और संबंधित हथियार बनाती है. पाकिस्तान इस समय हथियारों के लिए तुर्की का रुख कर रहा है. इस समझौते के तहत जीआईडीएस और एमकेई संयुक्त उद्यम, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और एडवांस हवाई हथियारों के सह-विकास की संभावनाओं पर विचार करेंगे. इन हथियारों में सटीक निर्देशित बम, हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइल प्रणालियां और रॉकेट तकनीकें शामिल हैं. साझेदारी से पाकिस्तान के गोला-बारूद निर्माण क्षमता में वृद्धि और नवाचार एवं निर्यात के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है.
KBKK - खबर बाल की खाल
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें